
Bhav Gupta
Jan 12, 2026
पहला फ्रेम: अँधेरी गुफा में साँप बैठा है। घायल बाज गिरता है। साँप: “यह क्या गिरा?” दूसरा फ्रेम: ...
पहला फ्रेम: अँधेरी गुफा में साँप बैठा है। घायल बाज गिरता है। साँप: “यह क्या गिरा?” दूसरा फ्रेम: बाज कराहता है। बाज: “मैं घायल हूँ, पर उड़ना चाहता हूँ।” साँप: “यहाँ उड़ना मूर्खता है।” तीसरा फ्रेम: बाज आकाश की ओर देखता है। बाज: “आकाश मेरा घर है, आज़ादी मेरा जीवन।” साँप: “ज़मीन सुरक्षित है, पर आकाश कैसा होगा?” चौथा फ्रेम: बाज मरते हुए कहता है, “आ…काश…” पाँचवाँ फ्रेम: साँप उड़ने की कोशिश करता है, गिर जाता है। साँप: “मैं भी देखना चाहता हूँ!” छठा फ्रेम: साँप सोचता है, “बाज ने मरकर भी आज़ादी सिखाई
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